इंडोनेशिया को ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल देगा भारत, रक्षा निर्यात में मिली बड़ी रणनीतिक बढ़त

भारत ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और स्वदेशी अस्त्र एमके-1 एयर-टू-एयर मिसाइल की आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।

इंडोनेशिया को ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल देगा भारत, रक्षा निर्यात में मिली बड़ी रणनीतिक बढ़त
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नई दिल्ली: भारत ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और स्वदेशी अस्त्र एमके-1 एयर-टू-एयर मिसाइल की आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। इन सौदों को भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हुए इन समझौतों के तहत ब्रह्मोस एयरोस्पेस और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के बीच ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली के लिए अनुबंध हुआ, जबकि भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और इंडोनेशिया की रिपब्लिकॉर्प के बीच अस्त्र एमके-1 मिसाइल सहयोग पर समझौता हुआ।

इस समझौते के साथ इंडोनेशिया, अस्त्र एमके-1 मिसाइल खरीदने वाला पहला विदेशी देश बन गया है। वहीं ब्रह्मोस मिसाइल सौदे से इंडोनेशिया की समुद्री सुरक्षा और लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता को मजबूती मिलेगी। समझौते में प्रशिक्षण, रखरखाव और लॉजिस्टिक सहायता भी शामिल होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये समझौते केवल रक्षा निर्यात तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक, ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान की वैश्विक स्वीकार्यता का भी प्रमाण हैं। इससे दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रणनीतिक मौजूदगी मजबूत होगी और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी।

इससे पहले फिलीपींस ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने वाला पहला विदेशी ग्राहक बना था। अब इंडोनेशिया के साथ हुए नए समझौते भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक भरोसेमंद रक्षा साझेदार और उभरते रक्षा निर्यातक के रूप में और मजबूत करेंगे।